June 16, 2026
Chicago 12, Melborne City, USA
कविताएँ

तुम मुझे खून दो


तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें ….
ये नेताजी के बोल थे,
जो अमर थे, बेजोड़ थे ..

पर अब हमें खून की ज़रूरत नहीं,
एक बूँद की भी ज़रूरत नहीं..

आज़ाद जो हैं हम ??
आबाद जो हैं हम ??

अब खून की नहीं,
जुनून की ज़रूरत है ..

जुनून,
अपनी संस्कृति पे नाज़ करने का,
जागो, समय गया अब लाज करने का ।
जुनून,
जात पात वाली सोच को दरकिनार करने का,
प्रगति को अपने व्यक्तित्व में शुमार करने का ।
जुनून,
अपने धरम पे गुरूर करने का,
अहम मौकों पर ज़रूर करने का ।
जुनून,
अपने देश से बेइंतहान प्यार करने का,
और बेझिझक उसे इज़हार करने का ।

Leave feedback about this

  • Quality
  • Price
  • Service

PROS

+
Add Field

CONS

+
Add Field
Choose Image
Choose Video