हद से ज़्यादा खूबसूरत
हद से ज्यादा ख़बसूरतू बेहिसाब बेकसूर हो तुमकुदरत ने जिसे तराशाऐसी नूर हो तुम बेहिचक तुझे देखता रहूँ ऐसी हूर हो तुममेरी अमानत मेरा गुरूर मेरा सुकून हो तुम हर लम्हा हर पल ये कहता हैतेरी दिल की समुंदर में मेरा लहू बेहता हैजो कभी ख़तम ना हो, मेरी आशिकी का वो सुरूर हो तुममेरी
