मैं मरा नहीं , मैं ज़िंदा हूं
( Tribute to my father on his death anniversary ) गोरखपुर के रूस्तमपुर, चौरहिया गोला, दीवान बाज़ार का बाशिंदा हूं मैं मरा नहीं , मैं ज़िंदा हूं मैं आज में हूं , मैं कल में हूं मैं संध्या के हर पल में हूं अपने बेटे बहुओं का हिस्सा हूं जो कभी छुपा नहीं वो किस्सा
