creativefitrat.com Blog कविताएँ कविता हूं
कविताएँ

कविता हूं

क़ैद से छूटा हूं
फिर क़ैद न करना मुझको
बेबाक हूं
बेबात न मरना मुझको
मौज हूं
मौज में रहना मुझको
कविता हूं
कभी फुर्सत से पढ़ना मुझको

Exit mobile version