ज़मीं हो तुम
आसमाँ हो तुम
मंजिल तुम ही हो
कारवाँ हो तुम
तुम्हारे लिए मैं
लुटने को तैयार हूँ
तुम्हारे लिए मैं
मिटने को तैयार हूँ
पर जान की मेरी
जो परवाह करती
वो माँ कह रही
बेवजह खामख़ा हो तुम

ज़मीं हो तुम
आसमाँ हो तुम
मंजिल तुम ही हो
कारवाँ हो तुम
तुम्हारे लिए मैं
लुटने को तैयार हूँ
तुम्हारे लिए मैं
मिटने को तैयार हूँ
पर जान की मेरी
जो परवाह करती
वो माँ कह रही
बेवजह खामख़ा हो तुम