creativefitrat.com Blog कविताएँ ओ वुमनिया
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ओ वुमनिया

( Song on Women Health awareness )

ओ वुमनिया चल दे चल दे तू,

अपनी फिक्र कर आगे बढ़ ले तू ।

नई दिशा, नई सोच,

चल मिटादे तू सारे रोग ।

हर मर्ज की है दवा तू,

तेरा ज़िक्र है, है कहां तू ।

जिम्मा उठा, खुद को बदल,

सेहत के खातिर तू हो अटल ।

खुद को संवारा, घर को संभाला,

सर को उठाए चल दी दफ्तर ।

हर मर्ज की है दवा तू,

तेरा ज़िक्र है, है कहां तू ।

खुद के लिए ललकार तू,

नारी की बन आवाज़ तू,

सपनो को सब तू पूरा कर,

रोग बने ना हमसफ़र ।

हर मर्ज की है दवा तू,

तेरा ज़िक्र है, है कहां तू ।

ओ वुमनिया चल दे चल दे तू,

अपनी फिक्र कर आगे बढ़ ले तू ।

नई दिशा, नई सोच,

चल मिटादे तू सारे रोग ।

हर मर्ज की है दवा तू,

तेरा ज़िक्र है, है कहां तू ।

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