( Song on Women Health awareness )
ओ वुमनिया चल दे चल दे तू,
अपनी फिक्र कर आगे बढ़ ले तू ।
नई दिशा, नई सोच,
चल मिटादे तू सारे रोग ।
हर मर्ज की है दवा तू,
तेरा ज़िक्र है, है कहां तू ।
जिम्मा उठा, खुद को बदल,
सेहत के खातिर तू हो अटल ।
खुद को संवारा, घर को संभाला,
सर को उठाए चल दी दफ्तर ।
हर मर्ज की है दवा तू,
तेरा ज़िक्र है, है कहां तू ।
खुद के लिए ललकार तू,
नारी की बन आवाज़ तू,
सपनो को सब तू पूरा कर,
रोग बने ना हमसफ़र ।
हर मर्ज की है दवा तू,
तेरा ज़िक्र है, है कहां तू ।
ओ वुमनिया चल दे चल दे तू,
अपनी फिक्र कर आगे बढ़ ले तू ।
नई दिशा, नई सोच,
चल मिटादे तू सारे रोग ।
हर मर्ज की है दवा तू,
तेरा ज़िक्र है, है कहां तू ।

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