October 16, 2026
गाने

हद से ज़्यादा खूबसूरत

हद से ज्यादा ख़बसूरतू बेहिसाब बेकसूर हो तुमकुदरत ने जिसे तराशाऐसी नूर हो तुम बेहिचक तुझे देखता रहूँ ऐसी हूर हो तुममेरी अमानत मेरा गुरूर मेरा सुकून हो तुम हर लम्हा हर पल ये कहता हैतेरी दिल की समुंदर में मेरा लहू बेहता हैजो कभी ख़तम ना हो, मेरी आशिकी का वो सुरूर हो तुममेरी

Read More
अंदाज़ - ए - original कविताएँ

बेवजह खामख़ा

ज़मीं हो तुमआसमाँ हो तुममंजिल तुम ही होकारवाँ हो तुम तुम्हारे लिए मैंलुटने को तैयार हूँतुम्हारे लिए मैंमिटने को तैयार हूँ पर जान की मेरीजो परवाह करतीवो माँ कह रहीबेवजह खामख़ा हो तुम ..

Read More
कविताएँ पंचलाइन एवम दो चार पंक्तियाँ

2 liners 4 liners & punchlines

1) मम्मी का प्यारचावल दाल मिर्चे का आचार 2) इसमें शंका काहें का मालिकरिश्ता वही जो स्वाभाविक 3) अंधेरे और उजाले में आज फिर सुलह होगीरात को चीरकर आज फिर सुबह होगी 4) जब जब आज़माया उसनेतब तब उसके सीने मेंमैं बहुत ज़ोर से धड़का हूँमैं आदमी नहीं मैं लड़का हूँ

Read More
कविताएँ विज्ञापन

जशन सेहत का

( Jashn Sehat Ka ) Hum Hindustaniyon ko bas ek bahaana chahiye,Bahaana jashn ka. Jashn ho tyohaar ka,Ya badhte vyapaar ka. Doston ke milne pe jashn,Salary ke badhne pe jashn. School ke puraane batch ka jashn,India-Pakistan match ka jashn. Bachchan ke bol pe jashn,Messi ke goal pe jashn. Baba ke achchhe salaah pe jashn,Dadi ke

Read More
कविताएँ विज्ञापन

ओ वुमनिया

( Song on Women Health awareness ) ओ वुमनिया चल दे चल दे तू, अपनी फिक्र कर आगे बढ़ ले तू । नई दिशा, नई सोच, चल मिटादे तू सारे रोग । हर मर्ज की है दवा तू, तेरा ज़िक्र है, है कहां तू । जिम्मा उठा, खुद को बदल, सेहत के खातिर तू हो

Read More
कविताएँ विज्ञापन

No More Blues

( Song on Women Health awareness ) We cannot change, what’s gone is gone. We can do one thing, is just move on. So, come on. Wake up all women. We cannot change, what’s gone is gone. If there is dark, there will be dawn. So, come on. Get a break all women. You only

Read More
कविताएँ

बेबाक़ हूँ

क़ैद से छूटा हूंफिर क़ैद न करना मुझकोबेबाक हूंबेबात न मरना मुझकोमौज हूंमौज में रहना मुझकोकविता हूंकभी फुर्सत से पढ़ना मुझको

Read More
कविताएँ

kalam ki jeet

बेचारा सा एक कलम पड़ा था मेज के कोने मेंमैने तरस खाके उसकी ओर देखा कलम मुस्कुराके बोलासाला मैं बेचारा नहीं तुम बेचारे होलिखने का मन है तो भाव कांहे खा रहे होअहम के चपेट में थोड़ा अकडू दिखना शुरू करोगर्दन झुकाओ और लिखना शुरू करो मुझे गुस्सा आयासाले कलम की गर्दन कसके दबाईउसकी सिसकी

Read More
कविताएँ

राम का नशा

मान का नशाशान का नशाकाम का नशाजाम का नशानाम का नशासम्मान का नशाजीवन ने बनाए ये सारे नशेजीव बनाए राम का नशा

Read More
कविताएँ

दुआओं में असर

अंजान हैं अपनों सेपर सबकी खबर चाहिए रंजिश हवा में तैर रहेदुआओं में असर चाहिए मजमा लगा विचारों काअपनाने का जिगर चाहिए इश्क़ हर तरफ बेशुमारबस परखने की नज़र चाहिए

Read More