1) मम्मी का प्यार
चावल दाल मिर्चे का आचार
2) इसमें शंका काहें का मालिक
रिश्ता वही जो स्वाभाविक
3) अंधेरे और उजाले में आज फिर सुलह होगी
रात को चीरकर आज फिर सुबह होगी
4) जब जब आज़माया उसने
तब तब उसके सीने में
मैं बहुत ज़ोर से धड़का हूँ
मैं आदमी नहीं मैं लड़का हूँ

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